Memory Management in Operating System in Hindi

What is Main Memory ?

Main Memory को Primary Memory भी कहा जाता है । Computer के आंतरिक physical memory को main memory के नाम से जानते हैं। Main Memory words या Bytes की एक बड़ी सरणी है, जिसका आकार सैकड़ों हजारों से लेकर अरबों तक होता है। 

Main Memory CPU और I/O उपकरणों द्वारा share की जाने वाली तेजी से उपलब्ध जानकारी का भंडार है।Main Memory वह स्थान है जहाँ पर program और information रखी जाती हैं जब processor प्रभावी रूप से उनका उपयोग कर रहा होता है। Main memory processor से जुड़ी होती है, इसलिए instructions और information को प्रोसेसर के अंदर और बाहर ले जाना बहुत ही fast  होता है। 

मुख्य मेमोरी को RAM (Random Access Memory) के रूप में भी जाना जाता है। यह मेमोरी एक volatile memory होती है जिससे पावर रुकावट या कट होने पर रैम से डाटा डिलीट हो जाता है।

Note - मेमोरी क्या है ? इसके कितने प्रकार होते हैं ? पिछले आर्टिकल से पढ़े ।

What is Memory Management ?

 Memory का सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए memory management करना आवश्यक होता है। Operating system द्वारा memory management करके system के मुख्य memory का प्रबंधन एवं नियंत्रण किया जाता है ।

Memory management के द्वारा memory के प्रत्येक track का records रख सकते हैं। यह हमेशा इस बात की जाँच करता रहता है कि memory process के लिए कितना allocate किया गया है। यह भी निर्धारित किया जाता है कि किस process को कितने समय तक memory में रहना है और कितना स्थान घेरना है। 

Memory management में दो प्रकार के register जिन्हें base register और limit register के नाम से जानते हैं इनका उपयोग करके सुरक्षा प्रदान किया जाता है । Base register का कार्य Physical Memory के Address को रखना होता है साथ ही उसके लिए सीमा और आकार का निर्धारण करना होता है। 

Computer में निम्न चित्र के अनुसार आंतरिक एवं बाहरी मेमोरी (Internal And External Memory) को रखा जाता है:

Memory Management in Operating System in Hindi
Main Memory

What is Dynamic Linking and Dynamic Loading?

निम्न दो स्थितियों के लिए Memory Management आवश्यक होता है:

  1. Dynamic Linking
  2. Static Linking

1) What is Dynamic linking ?

Dynamic linking विशेष रूप से library प्रकार के file उपयुक्त होता है। इसमें operating system के लिए लगातार जाँच करते रहना आवश्यक होता है क्योंकि जिस memory के लिए Operating System address से link किया गया है उस address में कहीं कोई और जानकारी तो संग्रहित नहीं कर दी गई है। 

इस प्रकार के memory को processing time तक जोड़कर रखा जाता है और processing हो जाने के पश्चात् उस address से link को समाप्त कर दिया। जाता है जिससे उस memory का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जा सके। Dynamic linking में छोटे से code की आवश्यकता पड़ती है जो memory location को point कर सके। 

2) What is Dynamic loading ?

Dynamic loading के लिए किसी विशेष प्रकार के operating system software की आवश्यकता नहीं होती। इस प्रकार की loading का कार्य किसी भी अच्छे programming language के द्वारा किया जा सकता है ।

Dynamic loading तब तक load नहीं होता जब तब कि उसे call नहीं किया जाता। इसमें memory का बेहतर तरीके से उपयोग किया जाता है। जब बहुत बड़े स्तर पर code को memory में load करने की आवश्यकता होती है। उस समय dynamic loading बहुत ही उपयोगी साबित होती है। 

Some process for manage main memory

Memory management के लिए निम्न प्रक्रियाएं होती है:

1) Swapping:

कुछ ऐसी परिस्थिति होती है जब मुख्य memory में प्रर्याप्त जगह नहीं होता। ऐसी परिस्थिति में control main memory content को secondary memory में स्थानांतरित कर देता है और जब जगह बन जाता है तो उसे खीच लेता है इस प्रकार दोनों प्रकार के memory के बीच swapping चलती रहती है। 

2) Embodied memory allocation:

Memory एक विशेष प्रकार के आकार में बंटा होता जिसे track and sector के नाम से जानते हैं। इसके प्रत्येक भाग में एक process को रखा जाता है। Control प्रत्येक भाग process का रिकार्ड रखता है और यदि कोई भाग खाली होता है वह उस भाग में एक अन्य process को रख देता है यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है।

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