Critical Systems Validation And Matrics of Process in Software Engineering

What is Critical Systems Validation:

महत्वपूर्ण system में सामान्य validation एवं verification के अतिरिक्त विशेष प्रकार के validation भी लागू किया जाता है। उसे critical system validation कहते हैं। इसमें सामान्य system की तुलना में कुछ निम्न प्रकार अतिरिक्त validation लागु किया जाता है:

  • System के operational profile को देखा जाता है। 
  • Operational profile की जॉच की जाती है। 
  • System के विफलताओ का निरिक्षण करके उसके विफलताओं की संख्या ।
  • महत्वपूर्ण विफलताओ की विश्वसनीयता का मूल्यांकन किया जाता है।

Advantages of critical system validation:

  • System के fail हो जाने से अनेक बहुत अधिक नुकसान होता है इसलिए critical system validation लगाकर उसके दोष को पहले की ढुंढ कर समाप्त कर देना अच्छा होता है।
  • इस प्रकार के system में customer की अधिक विश्वनियता होती है जिसके द्वारा critical validation का उपयोग किया जा रहा है।
  • System में बदलाव की आश्यकता कम होती है क्योंकि उसे बनाते समय ही सभी स्थितियों के अनुसार जाच लिया जाता है।
  • इस प्रकार के varidattion के द्वारा system की विश्वसनीयता को माप सकते है।

Disadvantages of critical system validation:

  • इस validation के लिए system में extra activity लागु किया जाता जिससे development में समय अधिक लगता है।
  • Extra activity की वजह से development cost भी बढ़ जाता है। 
  • इससे समान्यतः कुल system development में किये गये खर्चे का लगभग आधा खर्च अतिरिक्त होता है।
  • इसके लिए कुशन कर्मचारियो की आवश्यकता होती है इसलिए उन्हें तलास करना कठीन होता है।

What is Metrics for Process?

Metrics के द्वारा system, component या process की विशेषताओं को highlight किया जाता है। Metrics से संबंधिक कुछ ध्यान रखने वाली बातेः
  1. Matrics, software process, project एवं functional को मापने के लिए एक साधन के रूप में होता है।
  2. Data क्षेत्रो का पता लगाने के लिए matrics उपयोग किया जाता है।
  3. इसमें productivity data और basic quality को संग्रह किया जाता है।
  4. यह एक management tool की तरह है।
  5. इसमें data में यह छान-बीन किया जाता है कि वह पहले के औसत के मुकाबले कितना अच्छा है।
  6. व्यक्तिगत प्रदर्शन के आकलन के लिए metrics का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
  7. Metrics का उपयोग software की प्रक्रिया में सुधार के लिए किया जाता है।
  8. Metrics के उपयोग से पता चलता है कि संगठन कहाँ मजबूज है और कहाँ से कमजोर है।

Process metrics के द्वारा process की गुणवत्ता को मापा जाता है। इसके द्वारा विभिन्न processes की दक्षता और प्रभावशीलता को मापा जा सकता है। इसी प्रकार Software metrics से software के प्रभाव को मापा जाता है और project metrics से project के प्रभाव को मापा जाता है।

सभी project में process metrics का संग्रह होते हैं और यह लंबे समय के लिए होता है। Process metrics लंबे समय के लिए होते है इसलिए यह लंबे समय के लिए project में सुधार लाते है। इससे project के अनेक कमजोरिया जो उसके कार्यक्षमता में कमी ला सकती है वह सामने आ जाता है।

Software process में सुधार के लिए यह ध्यान रखना आवश्यक होता है कि 'Software की गुणवत्ता और उसका संगठनात्मक प्रदर्शन में सुधार करने के लिए controllable factor में से process एक होता है।

Process के तीन factor - product, people और technology होते है जो निम्न diagram की तरह एक दूसरे से जुड़े हुए होते है:

Matrics for Process
Process Factors in software Engineering

Process तीनो कारको product, people और technolgy के केन्द्र में होती है जो software की गुणवत्ता और उसके संगठनात्मक प्रदर्शन पर गहराप्रभाव डालती है। Processing metrics दो प्रकार के होते हैं:

1. Private processing metrics:

यह व्यक्तिगत या team से संबंधित होता है। यह team को मजबुत बनाने के लिए प्रेरित करता है।

2. Public processing metrics:

यह संगठन के लिए होता है इसके द्वारा पुरे संगठन को मजबुत बनाने की दिशा में कार्य किया जाता है।

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