What is Machine Instructions Set | Instruction Types | Instruction Format

What is Machine Instructions Set | Instruction Types | Instruction Format बहुत लोगो को पता है Computer Instruction Set क्या होता है ।हमने इस टॉपिक में Computer instruction को बहुत ही Short और सटीक से समझाए है ।

तो चलिए Conputer Instruction टॉपिक को स्टार्ट करते है | स्टार्ट करने से पहले हमने पिछले टॉपिक में पढ़े थे कि What is integer and floating point arithmetic? Computer Architecture hindi अगर आपने इस टॉपिक को नहीं पढ़ा है तो प्लीज इस टॉपिक का अध्धयन कर लीजिये ।

What is Machine instructions (computer मशीन इंस्ट्रक्शन क्या है ) ?

Machine instructions एक प्रकार को binary code होता है जो CPU (Central Processing Unit) के किसी विशेष task को करने का निर्देश देता है। CPU (processor) प्रत्येक instruction जो मुख्य memory में संग्रहित रहता है उन्हें एक-एक करके लेते जाता है और प्रत्येक निर्देश के अनुसार operation perform करता है इसके कार्य को निम्न diagram से समझा जा सकता है-

computer machin instruction set diagram

यहाँ control unit, instruction register में संग्रहित instructions को ALU को आश्यकतानुसार भेजते जाता है और जैसे-जैसे process आगे बढ़ते जाता है वह memory के content को accumulator में move कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। ALU data bus के माध्यम से data, एवं instruction register से instruction को लेता है और उसमें operation perform करने के बाद उन्हें main memory में स्थानांतरित कर देता है। प्रत्येक instruction में processor के लिए उस instruction को करने से संबंधित सभी जानकारियों का होना आवश्यक है। किसी instruction के लिए निम्न तत्व होने चाहिए:

i) Opcode:

इसे operation code कहते हैं इसमें किये जाने वाले operation के लिए code होते हैं जैसे add, sub इत्यादि इसी code के अनुसार processor data पर arithmetic एवं logical operation perform करता है।

ii) Source operand reference:

जिसमें operation perform करना है वह किस स्थान पर उपलब्ध है उसका location source operand reference से प्राप्त होता है। Source operand reference में register, memory input/output इत्यादि स्थानों का पता होता हैं।

iii) Result operand reference:

Operation perform हो जाने के पश्चात् उसके परिणाम को result operand reference में संग्रहित करके रखा जाता है। यह भी memory, register या input/output इत्यादि स्थानो में संग्रहित होता है।

iv) Next instruction reference:

वर्तमान निर्देश के पूर्ण हो जाने के पश्चात् अगले निर्देश को किस स्थान से प्राप्त करना है इसे processor को बताने के लिए reference का प्रयोग किया जाता है।

Instruction types in Computer Architecture in Hindi :

सामान्यतः ज्यादातर instruction mnemonic code के में होते हैं। Mnemonic code को अलग-अलग size में होता।इसलिए instruction को निम्न प्रकारो में बॉट सकते हैं:

i) Data transfer instruction:

ये 8 bits के instruction होते हैं। ये instruction, data को एक memory से दुसरे में बिना परिर्वतन किये स्थानांतरित कर का कार्य करता है। इस प्रकार के instructions के द्वारा data के memory À process register et process register input/output में transfer का कार्य किया जाता है। Data transfer के लिए MOV instruction का प्रयोग किया जाता है।

ii) Data manipulation instruction:

इसे 2 bytes instruction भी कहते हैं। ऐसे instruction जिनके द्वारा data पर अलग-अलग operation perform किये जाते हैं या गणना का कार्य किया जाता है उन्हें data manipulation instruction कहते हैं। इसमें instruction के साथ data या address का भी उपयोग होता है। इसके पहले 8 bits instruction के लिए एवं दूसरे 8 bits data या address के लिए होता है जैसे MVIA, 10 या ADD A,B | इस प्रकार के instructions के तीन प्रकार होते हैं जिन्हें logical and manipulation, arithmetic एवं shift instruction कहते हैं।


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iii) Program control instruction:

इस प्रकार के instruction का कार्य program counter तत्वों को बदलना होता है यह दिये गये निर्देशो का सरलीकरण कर data में processing के लिए condition तैयार करता है।

Instruction format in computer architecture in hindi

Machine instruction को छोटे-छोटे field के रूप में बॉट जा सकता है जिसमें प्रत्येक field binary digit के रूप में होता है कोई machine instruction में कम से कम एक field का होना आवश्यक होता है। अधिकांश instructions में registers memory address, addressing modes एवं अन्य parameter field के रूप में होते हैं Instruction को निम्न प्रकार के field के रूप में विभाजित कर सकते हैं:

  1. An operand code
  2. An addressing field
  3. A mode filed

इन तीनो field के बीच के अंतर को निम्न diagram से समझा जा सकता है। इस प्रकार निम्न चार प्रकार के instruction format होता है:

  1. Zero-addressing instruction format
  2. One-addressing instruction format
  3. Two-addressing instruction format
  4. Three-addressing instruction format

i) Zero-addressing instruction format:

जब कोई भी address field नहीं होता तो उसे zero addressing instruction format कहा जाता है। इसे निम्न diagram से समझ सकते हैं:

zero-addreshing instruction format

इस diagram से स्पष्ट है कि केवल opcode के लिए ही memory उपलब्ध होती है।

ii) One-addressing instruction format:

जब निम्न diagram की तरह केवल एक address field होता है तो उसे one addressing instruction format कहा जाता है। इसे निम्न diagram से समझ सकते हैं:


one-addressing instruction format

इस diagram से स्पष्ट है कि opcode के साथ केवल एक address के लिए ही memory उपलब्ध होती है।

iii) Two-addressing instruction format:

जब निम्न diagram की तरह जब दो address field होते हैं तो उसे two addressing instruction format कहा जाता है। इसे निम्न diagram से समझ सकते हैं:

two addreshing instruction format

इस diagram से स्पष्ट है कि opcode के साथ दो address के लिए ही memory उपलब्ध होती है।

iv) Three-addressing instruction format:

जब निम्न diagram की तरह जब तीन address field होते हैं तो उसे three addressing instruction format कहा जाता है इसे निम्न diagram से समझ सकते हैं:

three addreshing instruction format

इस diagram से स्पष्ट है कि opcode के साथ ती address के लिए ही memory उपलब्ध होती है।

Instruction length in computer architecture

सभी computer system के द्वारा एक ही प्रकार के lenght support नहीं किया जाता, अलग-अलग system में अलग – अलग instruction length होते हैं। एक ही प्रकार processor वाले system में एक instruction का size एक ही सकता है। इसे निम्न उदाहरण से समझा जा सकता है:

instruction lenght

इस प्रकार प्रत्येक computer system में instruction की लम्बाई allocated bits के आधार पर निर्धारित होता है।


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