What is Operands & its types in Computer Architecture ? Operands क्या है

What is Operands in Computer Architecture बहुत लोगो को पता है Computer Operands क्या होता है ? हमने इस टॉपिक में Operands को बहुत ही Short और सटीक से समझाए है ।

तो चलिए Conputer Operands टॉपिक को स्टार्ट करते है | स्टार्ट करने से पहले हमने पिछले टॉपिक में पढ़े थे कि What is Machine Instructions Set | Instruction Types | Instruction Format अगर आपने इस टॉपिक को नहीं पढ़ा है तो प्लीज इस टॉपिक का अध्धयन कर लीजिये ।

What is Operands & Operators:

Computer में operand इस प्रकार के object को कहा जाता है जिसमें किसी प्रकार का छेड़-छाड़ किया जा सके। इसे निम्न उदाहरण से समझते हैं-

Example: 5+10

यहाँ + चिन्ह को operator कहेंगे तथा 5 और 10 को operand कहेंगे, वह इसलिए क्योंकि इनके साथ operator का प्रयोग करके इनके मान के आधार पर नया मान प्राप्त करने का कार्य किया गया है।

Difference between op-code and operand:

Op-code, processor द्वारा execute किया जाने वाले एक instruction होता है। यह binary format में instruction register में संग्रहित होता है। operand, op-code को manipulate करने का कार्य करते है। Assembly language में उपयोग होने वाले mnemonic code जैसे ADD, SUB, MOV एवं JMP इत्यादि op-codes command होते हैं इन्हें निम्न उदाहरण से समझ सकते हैं:

ADD 3,5
इस उदाहरण के अनुसार ADD command op-code है एवं 3 और 5 operand है।

Types of operand:

Operand निम्न तीन प्रकार के होते हैं:

i) Register:

आधुनिक 8086 processors एक 32 bit general purpose register होता है। EAX, EBX, ECX एवं EDX register का उपयोग एक खंड के रूप में किया जाता है। जिसमें EAX का उपयोग accumulator को call करने में किया जाता है। जैसेः इसके 2 bytes को AX नामक 16 bits register माना जा सकता है। इसे निम्न diagram से समझा जा सकता है:
ऑपरेंड क्या है
Operands kya hai?

यदि register को 16 bits data संग्रहित करने में उपयोग करते हैं तो उन्हें AX,BX,CX और DX नाम से जाना जाता है और यदि उन्हीं register में 8 bit data संग्रहित करते हैं तो उन्हें AH, AL, BH, BL, CH, CL एवं DH, DL नाम से जाना जाता है। यहाँ EAX, EBX, ECX, EDX, EDI, ESI general purpose register होते हैं एवं ESP, state pointer एवं EBP base pointer होता है ये 32 bits storage के लिए होते है।

Accumulator registers में division, multiplication operation के परिणाम या implicit operation को संग्रहित करते हैं दुसरे शब्दो में कहे तो इसका उपयोग input/output translation में किया जाता है। Base register में temporary जानकारियों को संग्रहित करते हैं। Count register में instruction को जब एक से अधिक बार execute किया जाता है तो उसकी जानकारियों को रखा जाता है। Data register को extended accumulator भी कहा जाता है जब accumulator में data अधिक हो जाता है तो उसे इसी register में संग्रहित करके रखता है। इस प्रकार के operand को percent sign (%) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इसमें operand के पहले percent चिन्ह का प्रयोग निम्न प्रकार किया जाता है:

Example of register operands:

AX, BX, CX, DX, AH, AL, BL, BH, CH, CL, DH, DL, DI, SI, BP, SP

Syntax:

%(operand);

ii) Immediate:

इस प्रकार के operand को dolor sign (S) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इसमें operand के पहले dolor चिन्ह का प्रयोग निम्न प्रकार किया जाता है:

Example of immediate operand:

6, -22,5Fh, 10010111b इत्यादि।

Syntax:

$(operand);

iii) Memory:

इस प्रकार के operand का प्रयोग variable के नाम, जिसका तत्व memory का address होता है उसे निर्धारित करने में किया जाता है। इसमें variable का नाम variable के address को point करता है और address के माध्यम से memory के तत्व के reference को computer के द्वारा प्रयोग किया जाता है।

Example of memory operand:

[AX], [AX+SI+3], [10FH), variable gentai

Syntax:

segment:offset(base,index,scale);

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